neelkanth mahadev rishikesh

नीलकंठ महादेव के दर्शन

जब देवताओं और असुरों ने सागर मंथन किया तो अमृत और अन्य कई अमूल्य वस्तुओं के साथ सागर में से विष भी निकला, इस विष के प्रकोप से जन साधारण को हानि पहंचने लगी। तब देवताओं के विनती करने पर महादेव शिव शंकर ने वो विष पी लिए जिस से उनका गाला नीला पड़ गया और नीलकंठ महादेव के नाम से उनकी जय जय कार होने लगी। आज हम चल पड़े है उन्ही नीलकंठ महादेव के दर्शनों के लिए….

way to neelkanth mahadev

नीलकंठ महादेव की ये यात्रा हमारे हरिद्वार-ऋषिकेश यात्रा का तीसरा पड़ाव है। ऋषिकेश से 32 कि. मी. की दुरी पर पौड़ी गढ़वाल में स्थित है भोले शंकर कर ये मंदिर। ऊँची ऊँची पहाड़ियों से घिरा ये मंदिर मन को अत्यंत प्रसन्ता देने वाला है।

neelkanth mahadev rishikesh

नीलकंठ जाने के लिए ऋषिकेश से साधन उपलब्ध है। रामझूला व लक्ष्मण झूला के पास से आपको नीलकंठ जाने के लिए शेयरिंग वाली गाड़िया (जीप) मिल जाएँगी जिनका किराया नीलकंठ जाने व वापिस ऋषिकेश आने के लिए 120 रुपय / प्रति व्यक्ति है। नीलकंठ का पहाड़ी रास्ता काफी जोखिम भरा हने की वजह से खुद ड्राइव कर के जाना उपयुक्त नहीं। ऋषिकेश से नीलकंठ पहंचने में लगभग एक घंटे का समय लगता है।

neelkanth mahadev rishikesh

ऋषिकेश से नीलकंठ के रास्ते में बहुत ही सुन्दर पहाड़ियां है और पहाड़ों के बीच से गुजराती हुई गंगा नदी है। सड़क की एक और ऊँचे पहाड़ और दूसरी और कल कल करके बहता पवित्र जल। आँखों के लिए इस से सुन्दर और नज़ारा क्या होगा। जहा देखो प्रकृति ने अपना आँचल फैलाया हुआ है।गंगा का  जल अत्यंत साफ़ व निर्मल दिखाई देता है। नीला नील पानी, हरयाली से भरे पहाड़ और घुमावदार रास्ते इस यात्रा को और अधिक उत्साहजनक बनाते हैं।

neelkanth mahadev

एक घंटे में आप नीलकंठ पहुँच जायेंगे। वह पहुँच कर आपको गाड़ी पार्किंग में कड़ी करनी होगी।  मंदिर प्रांगण में पहुँच कर भगवान महादेव के दर्शन करें। यदि आप लाइन में इ तो नहीं लगना चाहते तो कोशिश करे की आरती के समय पर मंदिर न पहुंचे क्योंकि आरती के समय दर्शन रोक दिए जाते हैं।

neelkanth mahadev mandir

सावन के महीने में शिव भक्त नीलकंठ कांवड़ ले कर आते हैं।  इस कांवड़ में गंगाजल होता है तथा गंगाजल से महादेव का अभिषेक करते हैं। साल में दो बार शिवरात्रि के त्यौहार पर यहाँ मेला लगता है तथा श्रद्धालु दूर दूर से भोले बाबा के दर्शनों के लिए आते है।

neelkanth mahadev

नीलकंठ से 2 कि. मी. की दुरी पर माँ पार्वती का मंदिर है। ऋषिकेश से ली गयी टैक्सी ड्राइवर आपको इस मंदिर तक भी ले जाते है 20 रुपय /प्रति व्यक्ति ले कर।पार्वती माँ के मंदिर से 2 कि. मी. की दुरी पर एक गुफा है जो झिलमिल गुफा के नाम से प्रसिद्ध है।  भगवान शंकर के दर्शन कर भक्त वापिस ऋषिकेश की और आ जाते हैं।

कुछ महत्वपूर्ण बातें –

  • नीलकंठ जाने वाला रास्ता चौड़ाई में छोटा तथा एक और खायी होने की वजह से खुद ड्राइव करना सुरक्षित नहीं। वहाँ पर उपलब्ध टैक्सी में जाना बेहतर रहता है।
  • आपके साथ यदि छोटे बच्चे हो तो खाने पीने का सामान अपने साथ रखें क्योंकि पहाड़ी रास्ता होने की वजह से कई बार अपेक्षित समय से ज्यादा समय लग सकता है तथा नीलकंठ मंदिर गांव के बीच है।  हालाँकि वह खाने पीने की दुकानें बानी है लेकिन ज्यादा उप्लभ्दता नहीं है।
  • शाम में अँधेरा होने से पहले ऋषिकेश वापिस पहुँचने की कोशिश करें।
  • सावन में नीलकंठ में अत्यधिक भीड़ रहती है।

आपके सुझाव या यात्रा सम्बन्धी कोई प्रश्न हो तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखें। 

आज के लिए इतना ही.. फिर आउंगी एक और यात्रा के साथ… तब तक अपना ख्याल रखिये……

Advertisements